नन्दा का चाँदपुरगढ़ी के राजाओं से सम्बन्ध
दक्ष प्रजापति के यज्ञ में माता सती के अग्निदाह करने के बाद षिवजी द्वारा सती के मृत षरीर से मोह हुआ। देवताओं के आग्रह पर विश्णु जी ने अपने सुदर्षन चक्र से पार्थिव षरीर के टुकड़े-टुकड़े किये। सती के षरीर के टुकड़े अलग-अलग इक्यावन स्थानों पर गिरे। कलयुग में वही स्थान सिद्धपीठ कहलाते हैं।ऋशिकेषवासी राजा […]
नन्दा का चाँदपुरगढ़ी के राजाओं से सम्बन्ध Read More »
