क-बारह थोकी ब्राह्मण- यात्रा में दैविक षक्तियों का सम्पूर्ण दायित्व प्रमुख राजगुरू नौटियाल और अन्य ब्राह्मणों पर होता है। मायके से ससुराल भेजने की यह परम्परा लोकोत्सव है। जिसमें नंदा को बहिन-बेटी मानते हुए विदा करते हैं। बारह थोकी ब्राह्मण इस प्रकार हैं-
1-नौटी के नौटियाल।
2-देवल के देवली।
3- गैरोली के गैरोला।
4-थापली के थपलियाल।
5-नौना के नौनी।
6-खण्डूड़ा के खण्डूड़ी।
7-मलेठी के मलेठा।
8- सेम के सेमवाल।
9- चमोळा के चमोला।
10-नैणी के मैठाणी।
11- नैणी के नैनवाल।
12-रतूड़ा के रतूड़ी।
राजजात में मैठाणी, देवली नैनवाल, खंडूडी, मलेठा, नौनी, गैरोला, थपलियाल, रतूड़ी व चमोला प्रतिदिन देवी की पूजा-अर्चना करते हैं। कण्डवाल, कुलसारा, मनोड़ी, देवराड़ी इत्यादि सहयोग करते हैं। मैठाणी ब्राह्मण राजगुरू नौटियाल के कुलगुरू हैं, नौटी में पूजा का अधिकार इन्हीं का है।
ख-चैदह सयाने की भूमिका
प्रतिबर्ष कुरूड़ से लोकजात और चाँदपुरगढ़ी से राजजात में चैदह ’’सयाणे’’ की मुख्य भूमिका है। राजयात्रा समिति के प्रमुख का निर्धारण और यात्रा पड़ावों पर व्यवस्था करना इन्हीं का अधिकार है।
सयाणे क्या हैं?
राज्य षासन को चलाने के लिए राजा पट्टी और क्षेत्र में अपना प्रतिनिधि नियुक्त करते थे, वही सलाणे कहलाते हैं। इन्हें ’’थोकदार’’ भी कहते हैं। दूसरे राज्यों में इन्हें गढ़पति, नायक, सामन्त आदि नाम से जाना जाता था। जिनका प्रमुख कार्य कर वसूली एवं राजाज्ञा को अपने-अपने नियन्त्रण अथवा ’’थोकदारी’’ क्षेत्र में पालन कराना होता था। आजादी के बाद देष में लोकतंत्र की स्थापना के बाद सयाणे या थोकदारों के अधिकार सिमित हो गये। परन्तु राजजात के आयोजन में यह सयाणा परम्परा आज भी बरकरार है।
राजवंषी कुँवर राजजात मनौती के समय चैदह सयानों को विषेश आमन्त्रित करते हैं। कुँवर, सयाने और बारह थौगी ब्राह्मण मिलकर ’’मनौती’’ करने राजगुरू के गाँव नौटी जाते हैं। ये सयाणों दो नन्दाख क्षेत्र (दषोली) और बारह बधाण क्षेत्र से हैं। थोकदार पृथ्वी सिंह रावत चेपड्यों और थोकदार मनोज सिंह परिहार से प्राप्त सूची के आधार पर सयाणों की पूर्व पीड़ियों के नाम इस प्रकार हैं-
1-कुरूड़ के गौड़ ब्राह्मण ( साक्षात कुरूड़ की डोली)
2- मेटा के रावत
3-गेरूड़ के बुटोला रावत
4-सिमली कोठा के बुटोला रावत
थोकदार उमराव सिंह
थोकदार दरवान सिंह
थोकदार गंगा सिंह
थोकदार नन्छन सिंह
थोकदार अभिनन्दन सिंह
5-चेपड्यों के बुटोला रावत
थोकदार मोहन सिंह दीवान
थोकदार गोपाल सिंह
थोकदार ईष्वर सिंह
थोकदार कंचन ंिसंह
थोकदार गोविन्द सिंह
थोकदार बलवन्त सिंह
थोकदार पृथ्वी सिंह (सन् 2014 तक)
थोकदार मनमोहन सिंह (वर्तमान सन् 2026 में)
6-भेटा के मेहरा रावत
अब तक के सयानों के नाम-
थोकदार लाल सिंह
थोकदार मोहन सिंह
थोकदार पंचम सिंह
थोकदार दरवान सिंह
थोकदार जयवीर सिंह (वर्तमान में)
7-भेटा के कुलेखी रावत
थोकदार जोत सिंह
थोकदार लाल सिंह
थोकदार रतन सिंह
थोकदार नारायण सिंह
थोकदार पृथ्वी सिंह
थोकदार सुषील सिंह
थोकदार षौर्य प्रताप सिंह (वर्तमान में)
8-देवराड़ा के हटवाल
थोकदार प0 तारादŸा
थोकदार प0 खीमदŸा
थोकदार प0 रविदŸा
थोकदार प0 कुलानन्द
थोकदार प0 विजय प्रसाद
थोकदार प0 भुवन हटवाल (वर्तमान सन् 2026 में)
9-माल के खोल्या रावत
थोकदार हरक सिंह
थोकदार मेहरवान सिंह
थोकदार गोपाल सिंह
थोकदार दरवान सिंह
थोकदार भुवन विक्रम सिंह (वर्तमान सन् 2026 में)
10-आद्रा के भण्डारी
थोकदार हयात सिंह
थोकदार गंगा सिंह
थोकदार हरेन्द्र सिंह
थोकदार चन्द्रपाल सिंह
थोकदार प्रद्युम्न सिंह
थोकदार गोविन्द सिंह (वर्तमान सन् 2026 में)
11-फल्दियागाँव के पडियार या परिहार
थोकदार खीम सिंह
थोकदार खिलाप सिंह
थोकदार गोविन्द सिंह
थोकदार दिगपाल सिंह
थोकदार मनोज सिंह
12-पेनगढ़ के पडियार या परिहार
थोकदार ष्याम सिंह
थोकदार बचन सिंह
थोकदार खुषाल सिंह
थोकदार अरविन्द सिंह (वर्तमान सन् 2026 में)
13-देवलकोट के श्रेश्ठ
14-पंती के मेड़ू नेगी
थोकदार फते सिंह
थोकदार थेपड़ सिंह
थोकदार जयवीर सिंह
थोकदार मनमोहन सिंह
थोकदार विवेक नेगी (वर्तमान सन् 2026 में)
