अट्ठारहवाँ पड़ाव- सुतोल (वापसी)

यात्रा मार्ग- चन्दनियाघट से तातड़ाद्योसिंग मन्दिर-भुजानी-रूपगंगा एवं नंदाकिनी संगम होते हुए सुतोल (नन्दानगर क्षेत्र) में विश्राम
सुतोल की समुद्रतल ऊँचाई 4010 मीटर है। राजयात्री चंदनियाघट से पैदल चलकर सुतोल में रात्रि विश्राम करते हैं। यह वापसी का दूसरी बसागत पड़ाव है। नंदा के धरम-भाई द्योसिंग-भौसिंग के प्रसिद्ध मंदिर में भव्य स्वागत होता है। वाण लाटू की भाँति यहाँ भी मन्दिर के कपाट पूजा के लिए खोलकर पुनः बंद करते हैं। चारों ओर भोजपत्र के वृक्ष हैं। मन्दिर के समीप रूपगंगा और नन्दाकिनी का संगम है। दूसरे दिन ब्राह्मणों द्वारा यात्रीदल और देवी-देवताओं को मंत्रोच्चार के साथ नन्दानगर के लिए विदा करते हैं।

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