यात्रा मार्ग- कुलसारी से थराली (बधाण) होते हुए चेपड़यूँ में विश्राम
चेपड्यूँ थराली के समीप पिण्डर की नदी वेदिका पर समुद्रतल से 1165 मीटर की ऊँचाई पर अवस्थित है। राजजात यात्रा कुलसारी से चलकर थराली बाजार- केदारबगड़- राड़ीबगड़ होते हुए चेपड्यूँ के थोकदारों के गाँव पँहुचती है। यह यात्रा का सबसे कम मात्र 6 किमी दूरी वाला विश्राम स्थल है। चेपड़ों चैदह सयानों में प्रसिद्ध बुटोला थोकदार का गाँव है। यहाँ कोई मन्दिर नहीं है। देवी का थान थोकदारों के घर में ही है। यहाँ पिण्डर नदी के तट पर वेतालेष्वर षिवालय है।
चेपड्यूँ में राजकुँवरों द्वारा पहली रात राजछंतोली एवं कुरूड़ राजराजेष्वरी की डोली पूजन अलग-अलग स्थानों पर की जाती है। ग्राम वासियों द्वारा दोनों का अलग-अलग भव्य स्वागत किया जाता है। परन्तु दोनों का मिलन यहाँ पर न होकर इससे आगे के पड़ाव नन्दकेषरी में होता है। तब तक दोनों के साथ आई छंतोलियाँ एवं राजयात्रियों को अलग-अलग ठहराया जाता है। दोनों स्थानों में भव्य रात्रि-जागरण होता है।
इस यात्रा मार्ग में ताजपुर, आद्रा, देवलग्वाड़, सोनला, सुना, काखड़ा, किमनी, सिमलसैण, चैण्डा, भेटा, तुंगेष्वर, बैनोली, साहूगाँव, जूनीधार, दोडिंग, सेरा, मलियाल केरामैण, बंगा आदि बढ़ चढ़कर षामिल होते हैं।
